अंगारक दोष क्या है जानिए दोष के लक्षण और उपाय?

भारतीय संस्कृति मे अंगारक दोष एक ज्योतिष दोष माना जाता है यह दोष तब उत्पन्न होता है जब किसी व्यक्ति की कुंडली मे मंगल ग्रह और राहु /केतु एक ही भाव मे स्थित होते है। इस दोष के कारण व्यक्ति को अपने जीवन मे कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्याएँ, करियर में बधाएं और वैवाहिक जीवन मे परेशानियाँ आदि। यह दोष जीवन में अस्थिरता, संघर्ष और चुनौतियों का कारण बनता है।

अंगारक दोष डरने की नहीं है, बल्कि समझने और संभालने की स्थिति है। सही समय पर सही उपाय अपनाकर इसके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है। वैदिक पूजा, मंत्र, दान और व्यवहारिक सुधार, इन सभी का संतुलित उपयोग ही अंगारक दोष शांति का सही मार्ग है। इस दोष का रामबाण उपाय है उज्जैन में अंगारक दोष पूजा पूरी विधि के साथ अनुभवी पंडित जी की उपस्थिती में कराना।

यदि आप भी उज्जैन में अपनी पूजा कराना चाहते हो तो आज ही वहाँ के अनुभवी पंडित जी से संपर्क करें पंडित जी उज्जैन में मंगल दोष पूजा कराने और मंगल दोष संबन्धित सारे दोषो के निवारण के लिए प्रसिद्ध है।

अंगारक दोष कैसे बनता है ?

किसी व्यक्ति के जीवन मे अंगारक दोष तब देखने को मिलता है जब उसकी कुंडली मे मंगल ग्रह कि स्थिति कमजोर हो और राहु/केतु के साथ योग बना रहा हो। यदि व्यक्ति कि कुंडली मे मंगल ग्रह और राहु एक ही भाव मे स्थित हो, तो यह दोष बनता है और इसे मंगल और राहु का मिलन कहते है। लेकिन जब किसी व्यक्ति कि कुंडली मे मंगल ग्रह और केतु एक ही भाव मे हो, तो इसे मंगल और केतु का मिलन कहते है।

ज्योतिष शास्त्र में अंगारक दोष को मंगल ग्रह से जुड़ा एक विशेष और प्रभावशाली दोष माना गया है। जब कुंडली में मंगल ग्रह की युति राहु या केतु से हो जाती है, तब अंगारक दोष बनता है। यह दोष व्यक्ति के जीवन में अचानक समस्याएं, मानसिक तनाव और वैवाहिक व पारिवारिक अशांति ला सकता है।

अंगारक दोष के लक्षण कौन-कौन से है?

शास्त्रों के अनुसार जब किसी व्यक्ति कि कुंडली मे अंगारक दोष होता है तो उसके भिन्न-भिन्न लक्षण देखने को मिलते है जो कि नीचे दिये गए है :-

  • अंगारक दोष के कारण व्यक्ति तनावग्रस्त रहता है और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता है।
  • यह दोष स्वास्थ्य संबन्धित समस्याओ की संभावना को बढ़ावा देता है।
  • इस दोष के कारण वैवाहिक जीवन मे अनेक प्रकार की परेशानियाँ देखने को मिलती है।
  • करियर व नौकरी मे स्थिरता का अभाव , धन हानि, और व्यापार मे नुकसान होना इस दोष के सामान्य लक्षण है।
  • अंगारक दोष से ग्रसित व्यक्ति मे आत्मविश्वास की कमी और निर्णय लेने मे कठिनाई होती है।

अंगारक दोष के निवारण के उपाय कौन-कौन से है?

अंगारक दोष के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जाते है जिससे इस दोष का निवारण हो सके, यह उपाय नीचे दिये गए है :-

  • हनुमान जी की उपासना करे एवं मंगल मंत्र का जाप करे।
  • मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, यह दोष के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
  • इस दोष के प्रभाव को कम करने के लिए ,मूंगा रत्न धारण करे, लाल मसूर का दान करे।
  • मंत्र जाप के द्वारा भी इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है, मंगल मंत्र का जाप करे।
  • अंगारक दोष शांति के लिए विशेष यज्ञ और हवन करने से इस दोष का प्रभाव कम हो सकता है।

अंगारक दोष पूजा उज्जैन: सबसे सरल और रामबाण उपाय

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अंगारक दोष शांति पूजा एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान है, जो जन्म कुंडली में अंगारक दोष के प्रभाव को शांत करने और इसके नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए की जाती है। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी कुंडली में मंगल ग्रह और राहु/केतु एक ही भाव में स्थित होते हैं। इस पूजा में विशेष मंत्रों, यज्ञ, और हवन के माध्यम से दोष का निवारण किया जाता है।

अंगारक दोष शांति पूजा किसी व्यक्ति के जीवन मे सकारात्मक्ता लाने मे सहायक होती है। इस पूजा में विशेष रूप से “अंगारक दोष शांति मंत्र” और मंगल, राहु/केतु के शांति मंत्रों का जाप किया जाता है। अंगारक दोष शांति पूजा एक अत्यंत प्रभावी उपाय है जो जीवन में स्थिरता, सफलता और शांति लाने में सहायक होती है। इस पूजा को विधिवत और शुभ मुहूर्त में करवाने से दोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

अंगारक दोष पूजा के लाभ क्या है?

अंगारक दोष शांति पूजा कराने से व्यक्ति के जीवन मे सुख-समृद्धि व शांति का वातावरण बना रहता है इस पूजा के ओर भी कई लाभ है जो की नीचे दिये गए है :-

  • मानसिक शांति : क्रोध और तनाव से मुक्ति मिलती है।
  • स्वास्थ्य में सुधार : चोट और बीमारियों का खतरा कम होता है।
  • वैवाहिक जीवन में सुधार : जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर बनते हैं।
  • आर्थिक समस्या : करियर और धन संबंधित बाधाएं समाप्त होती हैं।
  • परिवार में सुख-शांति : पारिवारिक विवाद खत्म होते हैं।
  • आत्मविश्वास में वृद्धि : व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफल होता है।

अंगारक दोष पूजा कैसे बुक करे ?

अंगारक दोष पूजा मंगल ग्रह के ऊर्जावान स्थानों जैसे कि उज्जैन जैसे धार्मिक स्थल पर करना अधिक फलदायी मानी जाती है। यदि आप इन स्थानो पर पूजा कराना चाहते है तो नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करे, और पंडित जी से पूजा के बारे मे अधिक जानकारी प्राप्त करे।

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