Mangal Dosh Puja Ujjain Booking
मंगल दोष जैसे घातक योग अगर आपकी कुंडली मे बन रहे है तो देर न करे क्योकि अगर आपने कुंडली मे दिखाई और उसमे कोई दोष पाया जाता है तो उसका निवारण तुरंत करना जरूरी होता है नहीं तो दोष के कारण आपको और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आज ही अपनी मंगल दोष पूजा उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर मे बुक कराये। और मंगल दोष से आ रही परेशानियों से पूरी तरह मुक्ति पाये।
- अनुभवी पंडित जी
- निशुल्क कुंडली दिखाये
- कोई बुकिंग शुल्क नहीं
मंगल दोष पूजा खर्च
Cost of Mangal Puja in Ujjain
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मंगल दोष पूजा (सामान्य पूजा) ₹2500
सम्पूर्ण मंगल दोष पूजा, सामग्री और हवन सहित इस पूजा मे 2.30 घंटे का समय लगता है।
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पंचांग कर्म मंगल दोष पूजा ₹4100
पंचांग कर्म मंगल दोष पूजा, सामग्री और हवन सहित इस पूजा मे तीन घंटे का समय लगता है।
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पूर्ण वैदिक पंचांग कर्म मंगल दोष पूजा ₹5500
पूर्ण वैदिक पंचांग कर्म मंगल दोष पूजा, सामग्री, हवन, पाँच ब्राह्मणो के साथ वैदिक मंत्रो के जाप सहित इस पूजा मे 4 घंटे का समय लगता है।
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मंगल दोष निवारण विशेष महापूजा ₹9100
मंगल दोष निवारण विशेष महापूजा, सामग्री, हवन और 11 ब्राह्मणो द्वारा मंगल ग्रह के वैदिक मंत्रो के जाप सहित पूजा मे 4 घंटे का समय लगता है।
यह आप पर भी निर्भर करता है की आप अपनी पूजा किस स्थान पर कराना चाहते है, मंगलनाथ मंदिर पर पूजा का खर्च थोड़ा अधिक हो सकता है, क्योकि वह के पूजा शुल्क व मंदिर रसीद शुल्क निश्चित है। अगर आप श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर मे अपनी पूजा करना चाहते है तो वहा आप कम खर्च मे पूजा करा सकते है, अंगारेश्वर महादेव मंदिर भी मंगल दोष, अंगारक दोष, कालसर्प दोष व अन्य पूजाओ के लिए प्रसिद्ध मंदिर है, यहा प्रतिदिन सैकड़ो पूजाए सम्पन्न होती है।
मुख्य पूजाए
Top Puja
मंगल दोष भात पूजा
मंगल दोष पूजा, भात पूजा व मांगलिक दोष पूजा विशेष रूप से हमारे द्वारा उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर व प्राचीन अंगारेश्वर महादेव मंदिर मे कराई जाती है।
अंगारक दोष पूजा
अगर कुंडली मे अंगारक दोष है तो इस दोष का निवारण बहुत जरूरी है निवारण हेतु आप उज्जैन मे पूजन करा सकते है।
अर्क / कुम्भ विवाह
अर्क व कुम्भ विवाह लड़के या लड़की की कुंडली मे दो विवाह के योग होने पर कराया जाता है।
लड़के के लिए अर्क विवाह व लड़की के लिए कुम्भ विवाह होता है।
पंडित जी को कॉल करे
List of Experienced Pandit in Ujjain
हमे ही क्यो चुने?
Why Choose us?
अनुभवी पंडित जी
आपकी पूजा अनुभवी पंडित जी द्वारा वैदिक पद्धति से करायी जाएगी।
आपकी संतुष्टि हमारी प्राथमिकता
हम इस बात का विशेष ध्यान रखते है की पूजा के दौरान आपको कोई परेशानी न हो और आप पूजा से पूर्ण रूप से संतुष्ट रहे।
प्रथक पूजा
आपकी अन्य लोगो को साथ सामूहिक पूजा नहीं करायी जाएगी, आपकी पूजा अलग मण्डल व अलग सामाग्री के साथ करायी जाएगी।
अन्य पूजाए
Our Puja Services
नारायण नागबलि पूजा
ग्रहण दोष शांति पूजा
रुद्राभिषेक पूजा
Mangal Dosh Puja Ujjain Reviews
Fully Satisfied Customers
Mangal Dosh Puja Ujjain FAQs
Frequently Asked Questions
उज्जैन मे मंगल दोष पूजा कहाँ होती है?
मंगल दोष पूजा मात्र उज्जैन मे मंगलनाथ मंदिर व अंगारेश्वर महादेव मंदिर मे की जाती है।
उज्जैन में ही मंगल दोष पूजा क्यों कराई जाती है?
मत्स्य पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार उज्जैन (अवंतिका क्षेत्र) को मंगल ग्रह की उत्पत्ति का स्थान माना गया है। यहाँ स्थित मंगलनाथ मंदिर (मंगल देव का जन्मस्थान) और अंगारेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत सिद्ध पीठ हैं, जहाँ पूजा करने से मंगल दोष का निवारण सबसे तीव्र और प्रभावी माना जाता है।
मंगल दोष भात पूजा में कितना समय लगता है?
सामान्य भात पूजा में 2 से 2.5 घंटे का समय लगता है। यदि आप पूर्ण वैदिक पंचांग कर्म या 5/11 ब्राह्मणों द्वारा मंत्र जाप अनुष्ठान कराते हैं, तो इसमें 3 से 4 घंटे लगते हैं।
मंगल दोष निवारण पूजा के लिए सबसे शुभ दिन कौन सा होता है?
मंगलवार का दिन मंगल देव की पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अलावा अंगारकी चतुर्थी, अनंत चतुर्दशी, अमावस्या या पंडित जी द्वारा आपकी कुंडली के अनुसार निकाले गए विशेष शुभ मुहूर्त में पूजा कराना सबसे लाभदायक रहता है।
क्या पूजा के लिए व्यक्ति का उज्जैन में स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है?
पूजा में स्वयं उपस्थित होकर संकल्प लेना सबसे उत्तम माना जाता है। लेकिन यदि आप किसी कारणवश नहीं आ सकते, तो आपके नाम, गोत्र और फोटो के साथ पंडित जी द्वारा ऑनलाइन संकल्प (ई-पूजा) के माध्यम से भी पूर्ण वैदिक विधि से पूजा संपन्न कराई जा सकती है।
भात पूजा (Rice Worship) क्या होती है और यह क्यों की जाती है?
मंगल ग्रह का स्वभाव उग्र (अग्नि तत्व) होता है। भात पूजा में पके हुए चावलों (भात) से शिवलिंग का विशेष श्रृंगार एवं पूजन किया जाता है। चावल शीतल प्रकृति का होता है, जिससे मंगल देव का ताप व उग्रता शांत होती है और वैवाहिक जीवन तथा करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
मंगलनाथ मंदिर और अंगारेश्वर मंदिर में पूजा कराने में क्या अंतर है?
मंगलनाथ मंदिर: मंगल देव का जन्मस्थान होने के कारण विश्व प्रसिद्ध है, जहाँ शासकीय मंदिर रसीद शुल्क लागू होता है।
अंगारेश्वर महादेव: उज्जैन का प्राचीन और अत्यंत सिद्ध स्वयंभू शिवलिंग है, जहाँ कम मंदिर शुल्क में शांत वातावरण में पृथक पूजा कराई जाती है। दोनों ही स्थान मंगल दोष निवारण के लिए समान रूप से फलदायी हैं।
मंगल दोष के मुख्य लक्षण क्या हैं?
विवाह में अत्यधिक देरी होना, विवाह के बाद जीवनसाथी से अनबन या क्लेश रहना, अचानक गुस्सा आना, रक्त संबंधी समस्याएं, बने-बनाये कामों में रुकावट आना और कर्ज या वित्तीय अस्थिरता होना मंगल दोष के प्रमुख लक्षण हैं।