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Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain

अगर आपकी कुंडली में राहू और केतु के प्रभाव से काल सर्प दोष बना हुआ है, तो इसका सटीक और स्थायी निवारण उज्जैन की पवित्र मोक्षदायिनी नगरी में संभव है। उज्जैन में शिप्रा नदी के तट एवं सिद्धवट धाम पर वैदिक रीति-रिवाज से की गई काल सर्प दोष पूजा से जीवन की तमाम रुकावटें दूर होती हैं।

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काल सर्प दोष क्या है और यह क्यों बनता है?

जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सभी सात ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहू (Rahu) और केतु (Ketu) के बीच में आ जाते हैं, तब काल सर्प योग या दोष का निर्माण होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार काल सर्प दोष कुल 12 प्रकार के होते हैं (जैसे— अनन्त, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, और शेषनाग)। इस दोष के कारण व्यक्ति को कड़ी मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलती, मानसिक तनाव रहता है, और बनते काम ऐन मौके पर बिगड़ जाते हैं।

कालसर्प दोष निवारण पूजा उज्जैन

उज्जैन (सिद्धवट व शिप्रा तट) में काल सर्प दोष पूजा का विशेष महत्त्व

उज्जैन को भगवान महाकाल की नगरी और तंत्र-मंत्र व ग्रह शांति का केंद्र माना जाता है। काल सर्प दोष निवारण के लिए उज्जैन में शिप्रा नदी तट और सिद्धवट मंदिर सबसे पवित्र और शक्तिशाली स्थान हैं।

  • सिद्धवट धाम का महत्त्व: सिद्धवट को राहू-केतु दोष और पितृ दोष शांति के लिए सिद्ध स्थल माना गया है। यहाँ तांबे के नाग-नागिन के जोड़े का जल में प्रवाह करने से काल सर्प दोष से तुरंत राहत मिलती है।

  • महाकालेश्वर की छत्रछाया: काल (समय/मृत्यु) के स्वामी भगवान महाकाल स्वयं उज्जैन में विराजमान हैं। इसलिए उज्जैन में नाग बलि व सर्प शांति पूजा करने से राहु-केतु का दुष्प्रभाव शांत होता है।

काल सर्प दोष के मुख्य लक्षण और त्वरित शांति क्यों जरूरी है?

यदि आपकी कुंडली में काल सर्प दोष है, तो आपको जीवन में निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

  • सपनों में सांप दिखाई देना या पानी में डूबने के सपने आना।

  • करियर व व्यापार में बार-बार असफलता और आर्थिक तंगी।

  • विवाह में अत्यधिक देरी या वैवाहिक जीवन में अनबन।

  • मानसिक अशांति, अकारण भय और स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव।

ध्यान दें: कुंडली में काल सर्प दोष का पता चलते ही सही समय (अमावस्या, नागपंचमी या शुभ मुहूर्त) पर इसका निवारण करा लेना चाहिए, ताकि जीवन में स्थिरता आ सके।

उज्जैन में काल सर्प दोष पूजा की संपूर्ण प्रक्रिया

हमारे अनुभवी पंडित जी द्वारा यह पूजा पूरी तरह से शास्त्रोक्त और वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराई जाती है:

  1. गणेश पूजन व संकल्प: यजमान के नाम, गोत्र और कुंडली के दोष के अनुसार पूजा का संकल्प लिया जाता है।

  2. राहू-केतु व नवग्रह शांति: राहू और केतु ग्रह के मूल मंत्रों का जाप किया जाता है।

  3. काल सर्प दोष महापूजा: तांबे/चांदी के नाग-नागिन की विशेष पूजा और अभिषेक किया जाता है।

  4. रुद्राभिषेक व हवन: भगवान शिव का जलाभिषेक कर लाल चंदन, तिल व जड़ी-बूटियों से विशेष हवन-यज्ञ संपन्न होता है।

  5. नाग-नागिन विसर्जन व दान: पूजन के पश्चात नाग-नागिन जोड़े को शिप्रा जल में प्रवाहित कर राहु-केतु से संबंधित वस्तुओं का दान दिया जाता है।

उज्जैन में काल सर्प दोष पूजा का खर्च (Puja Cost in Ujjain)

कालसर्प दोष पूजा बुकिंग के लिए संपर्क करे

प्रतिदिन उज्जैन मे कई कालसर्प दोष निवारण पूजा संपन्न होती है, और कई लोग इस दोष से निवारण पाते है आप भी अपनी पूजा का दिन बुक करे और अपनी पूजा उज्जैन के अनुभवी आचार्य जी के साथ कराये।

Mangal Dosh Puja Ujjain

काल सर्प दोष पूजा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

उज्जैन में काल सर्प दोष पूजा के लिए सबसे अच्छा दिन कौन सा है?

अमावस्या, नागपंचमी, ग्रहण काल, सोमवार और शिवरात्रि के दिन यह पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अलावा किसी भी शुभ मुहूर्त में पंडित जी से परामर्श करके पूजा कराई जा सकती है।

पूजा में सामान्यतः 2 से 3 घंटे का समय लगता है। पुरुषों को धोती-सोला और महिलाओं को साड़ी/सलवार सूट (बिना सिले/हल्के रंग के वस्त्र) पहनना अनिवार्य होता है।

यदि व्यक्ति विवाहित है, तो पति-पत्नी दोनों का साथ बैठकर पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है। अविवाहित व्यक्ति अकेले भी यह पूजा कर सकते हैं।

आप हमारी वेबसाइट पर दिए गए फॉर्म को भरकर या सीधे दिए गए मोबाइल नंबर +91 9827265140पर कॉल/व्हाट्सएप करके अपनी पूजा की तिथि और मुहूर्त बुक कर सकते हैं।