उज्जैन · नवग्रह पूजन

नवग्रह शांति पूजा उज्जैन

सूर्य से केतु तक सभी नौ ग्रहों की एक साथ पूजा। नया काम शुरू करना हो, ग्रहों की दशा बदल रही हो या बस घर में सुख-शांति चाहिए, उज्जैन में पंडित जी से पूरे नियम के साथ नवग्रह पूजा कराएं।

✔ एक ही पूजा में नौ ग्रहों का पूजन और जाप

✔ आपकी कुंडली देखकर पंडित जी बताते हैं कि किस ग्रह पर ज़्यादा ध्यान देना है

✔ आप खुद आएं या ऑनलाइन जुड़ें

नवग्रह पूजा की बुकिंग के लिए जानकारी भेजें

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नवग्रह शांति पूजा क्या है?

नवग्रह शांति पूजा में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु, नौ ग्रहों का पूजन होता है। हर ग्रह के अपने मंत्र, अपनी सामग्री और अपना दान होता है। अलग-अलग पूजा कराने की जगह लोग एक बार में सभी ग्रहों को प्रसन्न करने के लिए ये पूजा कराते हैं।

उज्जैन में मंगलनाथ और अंगारेश्वर जैसे ग्रहों से जुड़े मंदिर हैं, इसलिए यहां ये पूजा कराना लोग शुभ मानते हैं।

नौ ग्रह, नौ पूजन

हर ग्रह की पूजा का अपना दिन और अपना दान होता है। पूजा में पंडित जी सब कुछ आपके नाम से कराते हैं।

सूर्य

रविवार

आम तौर पर दान: गेहूं, गुड़, लाल कपड़ा

मान-सम्मान और आत्मविश्वास के कारक।

चंद्र

सोमवार

आम तौर पर दान: चावल, दूध, सफेद कपड़ा

मन और भावनाओं के कारक।

मंगल

मंगलवार

आम तौर पर दान: मसूर दाल, लाल कपड़ा

हिम्मत और ऊर्जा के कारक।

बुध

बुधवार

आम तौर पर दान: मूंग दाल, हरा कपड़ा

बुद्धि और बातचीत के कारक।

गुरु

गुरुवार

आम तौर पर दान: चना दाल, हल्दी, पीला कपड़ा

ज्ञान और शुभ कामों के कारक।

शुक्र

शुक्रवार

आम तौर पर दान: चावल, मिश्री, सफेद कपड़ा

सुख और रिश्तों के कारक।

शनि

शनिवार

आम तौर पर दान: काले तिल, सरसों का तेल

मेहनत और अनुशासन के कारक।

राहु

शनिवार

आम तौर पर दान: उड़द दाल, काला कपड़ा

अचानक बदलाव के कारक।

केतु

मंगलवार या शनिवार

आम तौर पर दान: तिल, कंबल

वैराग्य और पुराने कर्मों के कारक।

*दान की चीज़ें पंडित जी की सलाह और आपकी कुंडली के हिसाब से थोड़ी बदल सकती हैं।

ये पूजा कब कराते हैं

  • नया काम, दुकान या नौकरी शुरू करने से पहले
  • घर में कोई शुभ काम या गृह प्रवेश से पहले
  • किसी ग्रह की नई दशा या महादशा शुरू होने पर
  • पंडित जी ने कई ग्रह कमज़ोर बताए हों
  • जन्मदिन या शादी की सालगिरह पर श्रद्धा से

पूजा कहां और कितने समय की

उज्जैन में मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर या पंडित जी की बताई जगह पर पूजा होती है। दूर हैं तो वीडियो कॉल से जुड़ सकते हैं। पूजा में कितना समय लगेगा और दक्षिणा क्या होगी, यह पंडित जी कॉल पर बता देते हैं।

पूजा कैसे होती है

1. संकल्प और गणेश पूजन

आपका नाम, गोत्र और पूजा का मकसद बोलकर शुरुआत।

2. नवग्रह मंडल की स्थापना

नौ ग्रहों के अलग-अलग स्थान बनाकर कलश और ग्रह देवता की स्थापना।

3. हर ग्रह का पूजन और मंत्र जाप

एक-एक ग्रह के मंत्र से पूजन और जाप।

4. हवन

नौ ग्रहों की समिधा और घी से हवन।

5. आरती और दान

पूर्णाहुति, आरती और आखिर में दान का संकल्प।

नवग्रह शांति पूजा से पहले ये बातें जान लें

पहले कुंडली, फिर पूजा

नौ ग्रहों की पूजा हर किसी के लिए एक जैसी नहीं होती। किसी की कुंडली में एक-दो ग्रह कमज़ोर बताए जाते हैं, किसी की कुंडली में कई। पंडित जी पहले कुंडली देखते हैं और बताते हैं कि किस ग्रह पर ज़्यादा ध्यान देना है। इससे आपको पता रहता है कि पूजा क्यों हो रही है।

कब कराना ठीक रहता है

बहुत से लोग नया घर लेने, नया काम शुरू करने, शादी की बात पक्की करने या ग्रह की दशा बदलने पर यह पूजा कराते हैं। कुछ लोग सिर्फ इसलिए कराते हैं कि पंडित जी ने कुंडली में कई ग्रह कमज़ोर बताए हैं। सही समय आपकी कुंडली और शुभ मुहूर्त देखकर तय होता है।

अकेले या परिवार के साथ

पूजा आपके नाम से होती है, लेकिन परिवार के लोग साथ बैठ सकते हैं। अगर आप उज्जैन नहीं आ सकते, तो वीडियो कॉल से जुड़ सकते हैं। संकल्प पंडित जी आपके नाम और गोत्र से कराते हैं।

पूजा के बाद की बातें

पूजा के बाद पंडित जी बता देते हैं कि दान में क्या देना है और किस वार को देना है। पूजा आस्था और परंपरा का हिस्सा है, इसलिए हम किसी नतीजे की गारंटी नहीं देते। हमारी कोशिश यही रहती है कि आपकी पूजा पूरे नियम से हो और आपको हर बात पहले से साफ़ पता हो।

नवग्रह शांति पूजा की तारीख तय करें

जन्म तारीख, समय और जगह भेज दीजिए। पंडित जी तारीख और दक्षिणा कॉल पर बता देंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुंडली हो तो अच्छा है, क्योंकि पंडित जी देखकर बताते हैं कि किस ग्रह पर ज़्यादा ध्यान देना है। कुंडली नहीं है तो जन्म तारीख, समय और जगह से बन जाती है।

पूजा के तरीके के हिसाब से समय लगता है। बुकिंग के समय पंडित जी पूरा समय बता देते हैं।

हां। आप वीडियो कॉल से जुड़ सकते हैं, संकल्प आपके नाम से होता है।

सामग्री का इंतज़ाम पंडित जी की टीम करती है। आपको कुछ साथ लाना हो तो बुकिंग के समय बता दिया जाता है।

तारीख आपकी कुंडली और शुभ मुहूर्त देखकर तय होती है। पंडित जी कॉल पर आपको सही दिन बता देते हैं।

पूजा आस्था और परंपरा का हिस्सा है, इसलिए हम कोई गारंटी नहीं देते। हमारा ज़ोर इस पर रहता है कि पूजा श्रद्धा और सही तरीके से हो।