उज्जैन · अनुभवी पंडित जी के साथ

अंगारक दोष पूजा उज्जैन

कुंडली में मंगल के साथ राहु बैठा है और पंडित जी ने अंगारक दोष बताया है? उज्जैन में संकल्प, मंत्र जाप और हवन के साथ पूजा कराएं। आप बस तारीख तय कीजिए, तैयारी हम संभालते हैं।

✔ कुंडली देखकर बताया जाता है कि आपके लिए कौन सी पूजा ठीक है

✔ मंत्र जाप और हवन पंडित जी खुद करते हैं

✔ आप उज्जैन आ सकते हैं या ऑनलाइन भी जुड़ सकते हैं

पूजा की तारीख पूछने के लिए जानकारी भेजें

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अंगारक दोष क्या होता है?

ज्योतिष में जब मंगल और राहु कुंडली के एक ही भाव में साथ बैठते हैं, तो उसे अंगारक योग या अंगारक दोष कहते हैं। माना जाता है कि इससे स्वभाव में गुस्सा और जल्दबाज़ी बढ़ती है और बड़े फैसलों में उलझन रहती है।

अंगारक दोष पूजा में मंगल और राहु, दोनों की शांति के लिए पूजन, मंत्र जाप और हवन किया जाता है। उज्जैन को मंगल की जन्मभूमि माना जाता है, इसलिए यहां यह पूजा कराने की पुरानी परंपरा है।

ये पूजा किनके लिए है

  • जिनकी कुंडली में पंडित जी ने मंगल और राहु का साथ बताया है
  • जिन्हें शादी, नौकरी या घर के फैसलों में बार-बार रुकावट लगती है
  • जो गुस्से और बेचैनी से राहत के लिए श्रद्धा से कोई उपाय करना चाहते हैं
  • जो पूजा उज्जैन में सही तरीके से कराना चाहते हैं

पूजा में क्या-क्या होता है

पूजा चार हिस्सों में होती है। हर हिस्से के बारे में पंडित जी पहले ही बता देते हैं।

01

संकल्प और गणेश पूजन

आपके नाम, गोत्र और पूजा के मकसद के साथ शुरुआत होती है।

02

मंगल पूजन

लाल फूल, लाल चंदन और मंगल के मंत्रों के साथ मंगल देव की पूजा।

03

राहु शांति जाप

राहु के मंत्रों का जाप, पंडित जी की गिनती के साथ।

04

हवन और दान

हवन, आरती और आखिर में दान का संकल्प।

पूजा कराने के बाद आपको क्या मिलता है

मन को तसल्ली

पूजा सही तरीके से हो गई, यह भरोसा आपके मन को हल्का करता है और आप आगे के फैसले शांति से ले पाते हैं।

कुंडली पर सीधी सलाह

पूजा के साथ आप पंडित जी से सीधे बात करके अपनी कुंडली के बारे में पूछ सकते हैं।

कोई भाग-दौड़ नहीं

सामग्री और हवन का इंतज़ाम पंडित जी की टीम करती है। आपको क्या साथ लाना है, यह बुकिंग के समय बता दिया जाता है।

पूजा कहां होती है

उज्जैन में मंगलनाथ मंदिर और अंगारेश्वर महादेव मंदिर, दोनों को मंगल से जुड़ा माना जाता है। आप खुद आकर पूजा में बैठ सकते हैं। दूर रहते हैं तो वीडियो कॉल से जुड़ सकते हैं, संकल्प आपके नाम से होगा।

कौन सा दिन ठीक रहेगा

मंगल की पूजा के लिए मंगलवार को शुभ माना जाता है। फिर भी असली तारीख आपकी कुंडली और शुभ मुहूर्त देखकर तय होती है। अपनी जन्म तारीख, समय और जगह भेज दीजिए, पंडित जी तारीख बता देंगे।

अंगारक दोष को आसान भाषा में समझें

मंगल और राहु का मेल

मंगल को हिम्मत, जोश और गुस्से का ग्रह माना जाता है। राहु को उलझन और बेचैनी से जोड़ा जाता है। जब ये दोनों कुंडली के एक ही घर में साथ बैठते हैं, तो ज्योतिष में इसे अंगारक योग कहते हैं। हर कुंडली अलग होती है, इसलिए नाम सुनकर घबराने की ज़रूरत नहीं। पहले कुंडली दिखवाइए, फिर आगे का फैसला कीजिए।

कौन से घर में बैठा है, यह मायने रखता है

पंडित जी सबसे पहले देखते हैं कि मंगल और राहु किस घर में हैं और उन पर किन ग्रहों की नज़र है। इसी से तय होता है कि पूजा की ज़रूरत है या नहीं, और अगर है तो किस तरह की पूजा ठीक रहेगी। इसीलिए हम पूजा बुक करने से पहले कुंडली देखने पर ज़ोर देते हैं।

पूजा बुक करने से पहले क्या भेजें

बस तीन चीज़ें: जन्म की तारीख, जन्म का समय और जन्म की जगह। ये आप कॉल, WhatsApp या ऊपर के फ़ॉर्म से भेज सकते हैं। पंडित जी कुंडली देखकर बताते हैं कि अंगारक दोष बन रहा है या नहीं, और पूजा के लिए कौन सा दिन ठीक रहेगा।

पूजा के दिन क्या होता है

पंडित जी पहले संकल्प कराते हैं, जिसमें आपका नाम और गोत्र लिया जाता है। फिर गणेश पूजन, मंगल पूजन और राहु के मंत्रों का जाप होता है। आखिर में हवन और आरती होती है। आप मंदिर में बैठकर शामिल हों या वीडियो कॉल से, पूरी पूजा आपके नाम से ही की जाती है।

अंगारक दोष पूजा की तारीख आज ही तय करें

पूजा की दक्षिणा पूजा के तरीके के हिसाब से होती है। सही रकम पंडित जी कॉल पर बता देते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अपनी जन्म तारीख, समय और जन्म की जगह हमें भेज दीजिए। पंडित जी कुंडली देखकर बताते हैं कि मंगल और राहु साथ हैं या नहीं।

यह पूजा के तरीके पर निर्भर करता है। बुकिंग के समय पंडित जी पूरा समय बता देते हैं।

हां। आप वीडियो कॉल से जुड़ सकते हैं और संकल्प पंडित जी आपके नाम से कराते हैं।

ज़्यादातर सामग्री का इंतज़ाम पंडित जी की टीम करती है। आपको जो साथ लाना है, वह बुकिंग के समय बता दिया जाता है।

आपकी कुंडली और शुभ मुहूर्त देखकर। मंगल की पूजा के लिए मंगलवार को अच्छा माना जाता है।

पूजा आस्था और परंपरा का हिस्सा है, इसलिए हम कोई गारंटी नहीं देते। हमारा पूरा ज़ोर इस पर रहता है कि पूजा श्रद्धा और सही तरीके से हो।